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विराट कोहली के बतौर कप्तान पहले टेस्ट मैच की प्लेइंग XI

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विश्व में अगर इस समय सभी खिलाड़ियों की तुलना की जाए तो प्रथम स्थान पर नाम विराट कोहली (Virat Kohli) का ही आएगा।कोहली की औसत सभी प्रारूपों में 50 से अधिक है। जिसकी वजह से उनकी तुलना श्रेष्ठ बल्लेबाजों से की जाती है। कोहली ने भारत के लिए पहला टेस्ट 20 जून 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। हालांकि, अंगूठे की चोट के कारण नियमित कप्तान धोनी को भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे, 2014 में चार मैचों की टेस्ट श्रृंखला के पहले मैच से बाहर होना पड़ा। इसलिए, 9 दिसंबर 2014 को एडिलेड ओवल में शुरू हुए मैच के लिए, विराट कोहली को कप्तानी का मौका मिला था।

 

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आपको बता दें कि विराट कोहली टेस्ट में भारत के सबसे सफल कप्तान बन चुके हैं। भारतीय टीम के टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन के पीछे कप्तान कोहली का बहुत बड़ा हाथ है। इस आर्टिकल में उस टेस्ट मैच की प्लेइंग XI की बात करेंगे जिसमें विराट ने पहली बार कप्तानी की थी।

विराट कोहली के बतौर कप्तान पहले टेस्ट मैच की प्लेइंग XI

सलामी बल्लेबाज: मुरली विजय और शिखर धवन

भारत के लिए शिखर धवन और मुरली विजय ने पारी की शुरुआत की थी। शिखर ने पहली पारी में 25 रन और दूसरी पारी में 9 रन बनाए थे। और मुरली विजय ने 53 और 99 रन बनाए थे। मुरली विजय ऑस्ट्रेलिया के खतरनाक गेंदबाजों के सामने टिकने में सफल रहे थे लेकिन शिखर धवन दोनों पारी में असफल रहे थे।

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मध्य क्रम: चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (c), अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और रिद्धिमान साहा (wk)

उस मैच में इंडिया के लिए मिडिल आर्डर में चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और रिद्धिमान साहा खेल रहे थे। उस मैच की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी। विराट कोहली से सभी ने ज्यादा उम्मीदें भी लगाई हुई थी क्योंकि वह कप्तान के रूप में अपना पहला मैच खेल रहे थे। कप्तान कोहली ने इस मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ कर इतिहास बनाया था।

रहाणे और पुजारा ने भी पहली पारी में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अर्धशतक जड़ा था। लेकिन दूसरी पारी में दोनों ज्यादा कुछ कर न सके। रोहित शर्मा ने दोनों पारी में 43 और 6 रन का योगदान दिया था। साहा ने बल्लेबाजी करते हुए मात्र 25 और 13 रन ही बना पाए।

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ऑलराउंडर: कर्ण शर्मा

इस पूरे मैच में भारत को ऑलराउंडर की कमी खलती रही। उस समय भारत के पास एक ऑलराउंडर के ज्यादा विकल्प भी नहीं थे। कर्ण शर्मा ने इस मैच में डेब्यू किया था। और इस मैच में भारत के लिए वह अकेले स्पिनर थे। इन्होने ने दोनों पारियो में 2-2 विकेट लिए थे। लेकिन बल्ले से ज्यादा रन नहीं बना पाए। कर्ण शर्मा ने सिर्फ 8 रन बनाए थे।

गेंदबाज: इशांत शर्मा, वरुण आरोन और मोहम्मद शमी

भारत ने इस मैच में तीन तेज गेंदबाज खिलाए थे, जिसमें मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा और वरुण आरोन शामिल थे। इशांत इन दो युवा तेज गेंदबाजों की तुलना में ज्यादा अनुभवी थे लेकिन वो भी अच्छा करने में नाकामयाब हुए। इशांत शर्मा पहली पारी में किफ़ायती तो थे लेकिन पूरे मैच में विकेट मात्र 1 ही ले पाए।

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तीन साल के अंतराल के बाद, वरुण आरोन को 2014 में भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया था। झारखंड के तेज गेंदबाज ने केवल तीन विकेट लिए और बाद में, भारत के लिए केवल पांच और टेस्ट खेले।

तीसरे तेज गेंदबाज शमी भी इस मैच में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे। शमी ने कुल तीन विकेट चटकाए थे लेकिन वो काफी महंगे भी साबित हुए थे।

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Abhay Singh

क्रिकेट का प्रशंसक हूं और अपने इसी शौक की वजह से मैं क्रिकेट लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय हूं।

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