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सचिन तेंदुलकर ने 1993 के हीरो कप सेमीफाइनल को किया याद, भारत को आखिरी ओवर में दिलाई थी जीत

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सचिन तेंदुलकर ने कल अपने यूट्यूब चैनल पर डाले गए एक वीडियो में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए हीरो कप 1993 के सेमीफाइनल को याद किया. हीरो कप का सेमीफाइनल भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार मैचों में से एक है, क्योंकि उस मैच में सचिन ने आखिरी ओवर में बस तीन रन देकर करिश्माई तरीके से भारत के लिए मैच जीत लिया था.

कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए उस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 195 रन बनाये थे और उस स्कोर का पीछा करना साउथ अफ्रीका के लिए उतना मुश्किल काम नहीं था. पर भारतीय गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए आखिरी क्षणों तक भारत को मैच में बनाये रखा.

हालांकि आखिरी ओवर में जब साउथ अफ्रीका को मात्र 6 रनों की जरुरत थी और कोई भी विशेषज्ञ गेंदबाज उपलब्ध नहीं था, तो सचिन तेंदुलकर आगे आए और उन्होंने खुद कप्तान अज़हरुद्दीन से जाकर कहा कि वो आखिरी ओवर डालने के लिए तैयार हैं.

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सचिन ने उस मैच में तब तक एक भी ओवर नहीं डाला था और बिना वार्म अप के कोलकाता की उस ठंडी शाम में अचानक आकर आखिरी ओवर डालना और 6 रन बचा ले जाना, ये किसी विशेषज्ञ गेंदबाज के लिए भी आसान नहीं था.

पर सचिन ने एक पार्ट टाइम गेंदबाज होने के बावजूद भारत के लिए वो कारनामा कर दिखाया. ओवर की पहली गेंद पर साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज ब्रायन मैकमिलन स्ट्राइक पर थे. एक्स्ट्रा कवर पर शॉट खेल कर मैकमिलन ने एक रन जरूर लिया, पर दूसरे रन के लिए वापस आते हुए उनके साथी फैनी डी विलियर्स रन आउट हो गए और मैकमिलन स्ट्राइक पर वापस भी ना आ सके.

एलन डोनाल्ड को तीन गेंदों तक स्ट्राइकर वाले छोड़ पर रखने में सफल रहे थे सचिन तेंदुलकर

अगले बल्लेबाज एलन डोनाल्ड जो नंबर 11 पर बल्लेबाजी करने आए थे, उन्होंने मैकमिलन को स्ट्राइक देने में 3 गेंदें जाया कर दी और आखिर में मैच कुछ ऐसे मोड़ पर पहुंच गया जहां साउथ अफ्रीका को मैच जीतने के लिए 1 गेंद पर 4 रनों की जरुरत थी.

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आखिरी गेंद डालने से पहले सचिन तेंदुलकर ने विकेटकीपर विजय यादव को स्टंप्स के करीब खड़े होने के बजाय पीछे खड़े होने को कहा, क्योंकि वो यॉर्कर डालने वाले थे और उनका ऐसा मानना था कि अगर यॉर्कर पर कोई अंदरूनी किनारा लगा, तो विकेटकीपर उसे रोक सकता है.

तेंदुलकर की उम्मीदों के मुताबिक़ आखिरी गेंद पर अंदरूनी किनारा ही लगा, विकेटकीपर विजय यादव गेंद को रोकने में सफल रहे और साउथ अफ्रीका को बस एक रन ही मिल सका. भारतीय टीम 2 रनों से सेमीफाइनल मैच जीत कर फ़ाइनल में पहुंची, जहां उन्होंने वेस्टइंडीज को हराकर हीरो कप का खिताब अपने नाम किया.

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