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ऐसे पार्ट टाइम गेंदबाज जिन्होंने मेन स्ट्रीम गेंदबाजों से अधिक विकेट प्राप्त किए हैं

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क्रिकेट में जब रेगुलर गेंदबाज विकेट लेने में असफल होते हैं तब पार्ट टाइम गेंदबाजों को गेंद थमाई जाती है। ताकि, बल्लेबाज कोई बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में शायद कोई गलती कर बैठे और विकेट हासिल हो सके।

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टेस्ट क्रिकेट एक ऐसा प्रारूप है जहां पार्ट टाइम गेंदबाज बहुत अधिक प्रभाव डालने में सफल नही होते हैं। क्योंकि, टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज आम तौर पर किसी भी नए गेंदबाज के खिलाफ रिस्क न लेते हुए खराब गेंद का इंतजार करते हैं। जबकि, टी-20 और वनडे में बल्लेबाज रनों की गति बढ़ाने के लिए बल्लेबाज हर बार अतिरिक्त जोखिम उठाने का प्रयास करता है।

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इन तमाम बातों के बीच, कुछ ऐसे पार्ट टाइम गेंदबाज रहे हैं जिन्होंने मेन लाइन बॉलर्स की अपेक्षा बेहतरीन गेंदबाजी तो की है। साथ ही विकेटों के मामले में भी वे रेगुलर गेंदबाजों से अपेक्षकृत कहीं अच्छे गेंदबाज साबित हुए हैं।

आइये जानते हैं, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के ऐसे पार्ट टाइम गेंदबाजों के बारे में जिन्होंने अपनी गेंदबाजी से न केवल प्रभावित किया है। बल्कि, तुलनात्मक रूप से अधिक विकेट भी अर्जित किए हैं।

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1.) सचिन तेंदुलकर:

क्रिकेट में रिकॉर्ड्स की जब भी बात की जाती है उसमें क्रिकेट के भगवान यानि सचिन रमेश तेंदुलकर का नाम ज़रूर शामिल होता है। चाहे वह बल्लेबाजी के आंकड़े हों या फिर गेंदबाजी के। सचिन को हर कोई बतौर बल्लेबाज ही जनता है। लेकिन, उनके गेंदबाजी आंकड़े बताते हैं कि वह बेहतरीन गेंदबाज भी थे।

पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 201 विकेट हासिल किए थे। सचिन ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के 200 टेस्ट मैचों में 46 विकेट जबकि 463 वनडे में 154 विकेट और मात्र एक टी-20 मैच खेलते हुए 1 विकेट हासिल किया था। सचिन इस मायने में एक अद्वितीय गेंदबाज थे कि वह न केवल ऑफ-स्पिन और लेग-स्पिन दोनों ही गेंदबाजी करते थे। बल्कि, पिच की प्रकृति को देखते हुए वे सीम-अप गेंदबाजी भी करते थे।

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2.) शोएब मलिक:

पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर शोएब मलिक को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर बल्लेबाज ही जाना जाता है। लेकिन, शुरुआती दौर में वह बतौर ऑल राउंडर ही पाकिस्तानी टीम में शामिल हुए थे। हालांकि, उन्होंने अपने करियर में फोकस करने के उद्देश्य से गेंदबाजी से दूरी बनाते हुए बल्लेबाजी पर विशेष ध्यान दिया था। लेकिन, फिर भी वह विभिन्न मौकों पर पार्ट टाइम गेंदबाजी करते हुए नज़र आते रहे हैं।

शोएब मलिक ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 218 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के 35 टेस्ट मैचों में 32 विकेट जबकि 287 वनडे में 158 विकेट और 115 टी-20 मैचों में 28 विकेट हासिल किए थे।

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3.) सौरव गांगुली:

पूर्व भारतीय कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लेफ्ट हैंड बैट्समैन में से एक सौरव गांगुली ने इंडियन क्रिकेट की मजबूती के लिए कई बड़े कदम उठाए थे। साथ ही उनके दौर में ही टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को जवाब देना सीखा था।

यूँ तो गांगुली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंत में न के बराबर गेंदबाजी की थी। लेकिन, शुरुआती दौर में उन्होंने कई बार दूसरे तेज गेंदबाज की भूमिका भी निभाई है। सौरभ गांगुली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 113 टेस्ट व 311 वनडे मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया था। इस दौरान उन्होंने मीडियम पेसर के रूप में गेंदबाजी करते हुए कुल 132 विकेट हासिल किए थे।

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4.) मोहम्मद हफीज:

मोहम्मद हफीज डेढ़ दशक तक पाकिस्तान के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज रहे हैं। इस दौरान उन्हें कई बार खराब फॉर्म से भी जूझना पड़ा। यहां तक कि वे कई बार डग पर भी आउट हुए थे। यानि कि हफीज बल्ले के साथ लगातार संघर्षरत थे। लेकिन, गेंदबाजी में उन्होंने हमेशा ही शानदार प्रदर्शन किया था।

एक पार्ट टाइम गेंदबाज होने के बाद भी मोहम्मद हफीज की गेंदबाजी ने लेफ्ट हैंड बैट्समैन को हमेशा परेशान किया है। यह मोहम्मद हफीज ही थे जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से कई मैचों में पाकिस्तान को जीत दिलाई थी। हालांकि, वह पार्ट टाइम गेंदबाजी करते थे इसलिए उन्हें ऑल राउंडर का दर्जा नही मिल सका। मोहम्मद हफीज ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 245 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के 55 टेस्ट मैचों में 53 विकेट जबकि 218 वनडे में 139 विकेट और 113 टी-20 मैचों में 50 विकेट हासिल किए थे।

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5.) एंड्रयू साइमंड्स:

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स का क्रिकेट करियर विवादों से घिरा रहा था। हालांकि, वह शुरुआत में ऐसे नही थे। लेकिन, शराब की लत के चलते वह लगातार विवादों से घिरे रहते थे। साइमंड्स और हरभजन सिंह के बीच हुआ ‘मंकी गेट’ विवाद आज भी हर किसी के जहन में जिंदा होगा।

दिग्गज क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स ने बल्ले और गेंद दोनों से ही अपनी टीम के लिए योगदान दिया था। साइमंड्स मीडियम पेस और ऑफ स्पिन दोनों ही तरह की बॉलिंग में माहिर थे। बतौर पार्ट टाइम गेंदबाज एंड्रयू साइमंड्स ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 245 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के 26 टेस्ट मैचों में 24 विकेट जबकि 198 वनडे में 133 विकेट और 14 टी-20 मैचों में 8 विकेट हासिल किए थे।

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6.) सनथ जयसूर्या:

श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज सनथ जयसूर्या को उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। जयसूर्या ने श्रीलंका की ओर से हुए कई मैच जिताऊ परियां खेलीं थीं। बहुत कम खेल प्रशंसकों कोपता होगा कि, सनथ जयसूर्या जितने बेहतरीन बल्लेबाज थे उतने ही अच्छे पार्ट टाइम गेंदबाज भी थे।

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि, जयसूर्या ने वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न से अधिक विकेट हासिल किए हैं। शेन वॉर्न ने एकदिवसीय क्रिकेट में 293 विकेट प्राप्त किए थे। जबकि वनडे क्रिकेट में जयसूर्या के नाम 323 विकेट हैं। जयसूर्या ने अंतर्राष्ट्रीय करियर के 110 टेस्ट मैचों में 24 विकेट जबकि 445 वनडे में 323 विकेट और 31 टी-20 मैचों में 19 विकेट हासिल किए थे। यानि कुल मिलाकर उन्होंने अपने करियर में कुल 366 विकेट हासिल किए थे।

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