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सचिन तेंदुलकर की सलाह से इस पूर्व क्रिकेटर ने 2008 में नहीं लिया था संन्यास

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पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपने विस्फोटक अंदाज में खेलने के लिए जानें जाते हैं। उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं।

क्रिकबज के साथ बातचीत में, सहवाग ने खुलासा किया कि वह 2008 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान वनडे मैचों से संन्यास लेना चाहते थे क्योंकि उन्हें उस समय के कप्तान एमएस धोनी ने कुछ मैचों के लिए प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया था। हालांकि फिर सचिन तेंदुलकर की सलाह पर उन्होंने अपना मन बदला और खेलना जारी रखा।

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उन्होंने कहा, “2008 में जब हम ऑस्ट्रेलिया में थे तो मेरे दिमाग में यह सवाल (रिटायरमेंट का) आया था। मैंने टेस्ट सीरीज में वापसी करके दिखाई और 150 रन बनाए। वनडे में, मैं तीन-चार पारियों में मैं ज्यादा स्कोर नहीं कर सका। इस वजह से एमएस धोनी ने मुझे प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया और फिर मेरे दिमाग में वनडे क्रिकेट छोड़ने का ख्याल आया। मैंने सोचा था कि मैं केवल टेस्ट क्रिकेट खेलना जारी रखूंगा।”

सचिन तेंदुलकर ने संन्यास लेने से रोका- सहवाग

सचिन तेंदुलकर ने उस वक्त मुझे रोकते हुए कहा था कि यह आपकी जिंदगी का खराब दौर है। बस रुकिए, इस दौरे के बाद घर वापस जाओ, खूब सोचो और फिर तय तय करों कि आगे क्या करना है। सौभाग्य से मैंने उस समय अपने संन्यास की घोषणा नहीं की थी।”

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इसके बाद सहवाग ने मजबूत वापसी की और 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने अपना आखिरी वनडे 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला।

सहवाग के वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने 251 मैच खेले है और 35.06 की औसत के साथ 8273 रन बनाये है। इस दौरान उनके बल्ले से 15 शतक, एक दोहरा शतक और 38 अर्धशतक निकले है।

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वहीं उनके टेस्ट करियर की बात की जाए तो उन्होंने 104 मैच खेले है और 49.34 की औसत के साथ 8586 रन अपने नाम किये है। इस दौरान सहवाग 23 शतक, 2 तिहरे शतक, 6 दोहरे शतक और 32 अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे है।

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