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5 खिलाड़ी जो अपने वनडे करियर में एक भी छक्का नहीं लगा पाए

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टेस्ट क्रिकेट की तरह वनडे में बल्लेबाज के पास भरपूर समय नहीं होता है, बल्कि यहां बल्लेबाज को धैर्य के साथ आक्रामकता भी दिखानी पड़ती है। वनडे क्रिकेट इतिहास में बहुत से ऐसे आक्रमण बल्लेबाज हुए जिनके मैदान पर आते ही चौकों और छक्कों की बारिश होने लगती है। वैसे तो वनडे में सबसे अधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड शाहिद अफरीदी के पास है। लेकिन कई ऐसे खिलाड़ी भी है, जो अपने वनडे क्रिकेट करियर में कभी एक भी छक्का नहीं जड़ पाए।

इस आर्टिकल में हम आपको उन 5 खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जो अपने वनडे करियर में एक भी छक्का नहीं लगा पाए ।

5 खिलाड़ी जो अपने वनडे करियर में एक भी छक्का नहीं लगा पाए

1. मनोज प्रभाकर (भारत)

भारत के पूर्व ऑलराउंडर मनोज प्रभाकर अपने एकदिवसीय क्रिकेट में एक भी छक्का नहीं लगा पाए। उन्होंने 130 वनडे मैचों में 24.12 की औसत से 1858 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने दो शतक और 11 अर्द्धशतक भी जड़े। उनका उच्चतम स्कोर 160 रन रहा। उन्होंने भारत की तरफ से वनडे में 157 विकेट भी चटकाए है।

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2. ज्योफ्री बॉयकॉट (इंग्लैंड) भी अपने वनडे करियर में एक भी छक्का नहीं लगा पाए

ज्योफ्री बॉयकॉट का नाम इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार किया जाता है। बॉयकॉट ने 108 टेस्ट मैचों में 8114 रन बनाए है। जिसमें 8 छक्के भी शामिल है, लेकिन वनडे में वह एक भी छक्का नहीं लगा पाए।

उन्होंने 36 वनडे मैचों में 36.06 की औसत से 1082 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 9 अर्द्धशतक भी जड़े। उनका उच्चतम व्यक्तिगत स्कोर 105 रन रहा। उन्होंने वनडे में 84 चौके भी लगाए है मगर क्रिकेट के इस प्रारूप में उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं निकल पाया।

3. थिलन समरवीरा (श्रीलंका)

श्रीलंकाई बल्लेबाज थिलन समरवीरा भी इस सूची में शामिल है। समरवीरा ने श्रीलंका के लिए 81 टेस्ट खेले हैं जिसमें 48.76 की बेहतरीन औसत से 5462 रन बनाए। इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर 231 रन रहा। थिलन समरवीरा को एक सफल टेस्ट बल्लेबाज के रूप में याद किया जाता है मगर दूसरी ओर उनका वनडे करियर निराशाजनक रहा।

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अपने 12 साल के करियर में थिलन समरवीरा महज 53 वनडे मैच खेल पाए, जिसमें 27.80 की साधारण औसत के साथ केवल 862 रन बन सके। उन्होंने वनडे में 76 चौके लगाए लगाए है मगर एक भी छक्का नहीं लगा पाए।

4. कैलम फर्ग्युसन (ऑस्ट्रेलिया)

दाय हाथ के इस ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने 30 वनडे मैच खेले है, जिसमें 41.43 की बेहतरीन औसत से 663 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 5 अर्थशतक भी लगाए। उनका उच्चतम स्कोर 71* रन नाबाद रहा। फर्ग्युसन ने 64 चौके भी जड़े मगर एक भी छक्का लगाने में नाकाम रहे।

5. केप्लर वेसेल्स (दक्षिण अफ्रीका) – दक्षिण अफ्रीकी की तरफ से वनडे करियर में कभी छक्का नहीं लगाया

क्रिकेट के इतिहास में बहुत कम ऐसे खिलाड़ी हुए जिन्होंने दो देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेला हो। साउथ अफ्रीका में जन्मे केप्लर वेसेल्स ने पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रतिनिधित्व किया और फिर अपने देश के लिए काफी समय तक क्रिकेट खेले।

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वेसेल्स दो अलग-अलग टीमों से खेलते हुए एक टीम के खिलाफ टेस्ट शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए डेब्यू करते हुए टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 162 रन की पारी खेली। वहीं, साउथ अफ्रीका की ओर से 1994 में बतौर कप्तान 105 रन की पारी खेली थी, जो कि इंग्लैंड के खिलाफ ही खेली थी।

इतना बेहतरीन और रिकॉर्ड से भरा टेस्ट करियर होने के बावूद उनका वनडे करियर उस स्तर का नहीं रहा। उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए 55 वनडे मैचों में 32.54 की औसत से 1627 रन बनाए। उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए वनडे में 124 चौके लगाए मगर एक भी छक्का नहीं लगा पाए। हालाकि, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलते हुए वनडे में 2 छक्के जरूर लगाए ।

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