CricketFeature

4 कारण जो आप नहीं जानते होंगे कि क्रिकेट में डिलीवरी को डेड बॉल क्यों कहा जाता है

Share The Post

क्रिकेट के खेल में अंपायर द्वारा एक डेड बॉल (dead ball) एक सामान्य संकेत है। हालांकि, बहुत से लोग नहीं जानते कि गेंद के डेड होने के स्पष्ट कारणों के अलावा और भी कई कारण होते हैं। तो इसी चीज को लेकर आज हम आपको उन चार कारणों के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें आप नहीं जानते होंगे कि क्रिकेट में एक डिलीवरी को डेड बॉल क्यों कहा जाता हैं।

Advertisement

इस बात में कोई शक नहीं है कि क्रिकेट में बहुत डेप्थ होती हैं। बहुत सारे नियम हैं और उनमें से अधिकतर अक्सर एक्टिव नहीं होते हैं। फिर भी, यह चर्चा का विषय बन जाता है। ऐसा कई बार हो चुका है और इससे पहले भी कई विवाद हो चुके हैं।

Advertisement

1. जब गेंद कपड़ों या इक्विपमेंट के बीच फंस जाती है

हमने अक्सर देखा है कि बॉल बल्लेबाज के पैड के बीच फंस सकती है। ऐसा भी होता है कि बॉल किसी फील्डर या बल्लेबाज के कपड़ों में फंस जाती है। दरअसल, ऐसे में डिलीवरी को डेड बॉल कहा जा सकता है। हालांकि, यह किस संदर्भ में होता है, इस पर गौर करने की जरूरत है। यदि कोई गेंदबाज अच्छी बॉल फेंकता है और बॉल किसी तरह फंस जाती है, तो यह गलत है कि गेंद को डेड बॉल कहा जाता है। हालाँकि, यह नियम है और इसका पालन करने की आवश्यकता है।

2. जब बल्लेबाज आउट हो जाए

यह इतनी सामान्य घटना है लेकिन नियमों के अनुसार, जैसे ही कोई बल्लेबाज आउट होता है या एक चौका या छक्का लगता है, एक गेंद को “डेड” माना जाता है। यही कारण है कि टीवी अंपायर उस समय तस्वीर में आ जाते हैं जब कोई रन आउट होता है जिसमें दोनों बल्लेबाज आउट हो जाते हैं। ऐसे में यह देखा जाएगा कि कौन पहले आउट होता है। इस विकेट के बाद गेंद डेड हो जाती है और इसलिए दूसरा बल्लेबाज आउट होने पर भी उससे मैदान छोड़ने के लिए नहीं कहा जा सकता। जब भी गेंद सीमा पार करती है तो वही अच्छा होता हैं।

Advertisement

3. यदि कोई खिलाड़ी मैच के दौरान मैदान पर आता है

आमतौर पर, हमने देखा है कि जब कोई टीम एक बड़ा मैच जीतने के करीब होती है, तो खिलाड़ी जश्न में मैदान पर दौड़ने के लिए सीमा रेखा के बाहर इंतजार करते हैं। हालाँकि, यदि गेंद अभी भी खेल में एक्टिव है और यदि कोई खिलाड़ी मैदान पर आता है, तो डिलीवरी को डेड बॉल कहा जा सकता है और उसे फिर से फेंकना पड़ सकता है। ऐसे कई बार देखने को मिल चुके हैं।

4. एक अंपायर अपने फैसले से एक डेड बॉल की घोषणा कर सकता है

कानूनों में दिए गए नियमों के अलावा, एक अंपायर अपने फैसले से एक डेड बॉल की घोषणा कर सकता है। यह मुख्य रूप से तब होता है जब कोई बल्लेबाज गेदन का सामना करता है और गेंद अंपायर या पास में ही खड़े खिलाड़ी को चोटिल कर देती है तो ऐसे स्थिति में डेड बॉल दी जा सकती हैं। अनपेक्षित रुकावट (चिड़िया) आने पर भी आने पर भी, अंपायर डेड बॉल दे सकता हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement


Share The Post

Related Articles

Back to top button